Amunta में किसी दूसरे व्यक्ति को जोड़ते समय आप A-Link या A-Link+ चुन सकते हैं। दोनों लेन-देन साझा करने में मदद करते हैं, लेकिन इनका अंतर इस बात में है कि ये कर्ज़ को कैसे संभालते हैं।
A-Link क्या करता है?
A-Link साझा लेन-देन को आपसे जुड़े व्यक्ति तक भेजता है। दोनों को एक ही लेन-देन दो बार लिखने की ज़रूरत नहीं पड़ती: हर साझा लेन-देन सूचना के रूप में पहुँचता है, और पाने वाला तय करता है कि उसे अपनी बही में सहेजे या अनदेखा करे। दोनों पक्षों की मंज़ूरी नहीं होती, और हर बही अपनी अलग, स्वतंत्र प्रति रखती है।
यह विकल्प तब ठीक है जब आप लेन-देन जल्दी साझा करना चाहते हैं और दूसरा पक्ष जो भेजता है उस पर भरोसा करते हैं।
A-Link+ क्या जोड़ता है?
A-Link+ उन कामों पर दोनों पक्षों की मंज़ूरी जोड़ता है जो कर्ज़ बनाते हैं या उसकी रकम बदलते हैं। अगर कोई नया कर्ज़ या बैलेंस पर असर डालने वाला भुगतान दर्ज करे, तो वह काम तब तक रुका रहता है जब तक दूसरा व्यक्ति उसे स्वीकार न कर ले।
ऐप दोनों पक्षों के कर्ज़ बैलेंस की तुलना भी करता है, ताकि दोनों बहियों के बीच कोई भी अंतर पकड़ा जा सके।
- कर्ज़ बनाने या बदलने के लिए दोनों पक्षों की मंज़ूरी चाहिए।
- ऐप मंज़ूरी से पहले काम दूसरे पक्ष को दिखाता है।
- दोनों फ़ोन पर बैलेंस एक जैसा है या नहीं, यह जाँचा जाता है।
- अकेला व्यक्ति मंज़ूर हो चुके कर्ज़ के काम को दोनों पक्षों की बही से नहीं हटा सकता।
क्या हर लेन-देन को मंज़ूरी चाहिए?
नहीं। मंज़ूरी सिर्फ़ उन कामों के लिए चाहिए जो कर्ज़ पर असर डालते हैं। जो लेन-देन कर्ज़ नहीं बनाते, जैसे नकद चालान या उपहार, वे दूसरे पक्ष की मंज़ूरी का इंतज़ार नहीं करते।
ऐप में «प्रायोगिक» शब्द क्यों दिखता है?
«प्रायोगिक» शब्द सावधानी के तौर पर रखा गया है; दो फ़ोन के बीच का जुड़ाव ऐसी स्थितियाँ सामने ला सकता है जिनका हमने पहले अनुमान नहीं लगाया था। अब तक मिली सभी गड़बड़ियाँ ठीक कर दी गई हैं, और इस शब्द का मतलब यह नहीं कि कोई जानी-पहचानी समस्या अब भी बिना हल के है।
सर्वर क्या करता है?
आपका फ़ोन लेन-देन भेजने से पहले उसे एन्क्रिप्ट करता है, इसलिए सर्वर रकम या काम का विवरण नहीं पढ़ सकता। उसका काम सिर्फ़ एन्क्रिप्टेड संदेश को दूसरे फ़ोन तक पहुँचाना है।
जब दूसरा फ़ोन संदेश पाकर पुष्टि कर देता है कि उसे सफलतापूर्वक संसाधित किया गया, तो सर्वर उसे हमेशा के लिए मिटा देता है। अगर संदेश नहीं पहुँचता, तो 24 घंटे बाद वह अपने आप मिट जाता है। इसलिए सर्वर न तो लेन-देन का स्थायी रिकॉर्ड रखता है और न ही आपकी बही की कोई प्रति।
क्या हर समय इंटरनेट चाहिए?
A-Link और A-Link+ को सिर्फ़ लेन-देन भेजते या पाते समय इंटरनेट चाहिए। खर्च दर्ज करना, बही पढ़ना और बाकी मुख्य काम बिना कनेक्शन के चलते रहते हैं।
क्या A-Link+ और Amunta+ एक ही हैं?
नहीं। A-Link+ दो लोगों को जोड़ने का एक तरीका है। वहीं Amunta+ ऐप का मुफ़्त संस्करण है, जो किसी व्यवसाय, दुकान या पेशेवर सेवा के लिए है। ये दो अलग चीज़ें हैं।
कौन-सा विकल्प चुनें?
अगर आप हर कर्ज़ पर मंज़ूरी का इंतज़ार किए बिना जल्दी साझा करना चाहते हैं, तो A-Link चुनें। अगर आप चाहते हैं कि दोनों पक्ष कर्ज़ को मंज़ूर करें और आपके बीच बैलेंस हमेशा एक जैसा रहे, तो A-Link+ चुनें। अगर साझा करने की ज़रूरत नहीं, तो आप दोनों में से किसी को चालू किए बिना Amunta इस्तेमाल कर सकते हैं।
जुड़ना कैसे शुरू करें?
- हर व्यक्ति कनेक्शन सेटिंग्स से अपनी नेटवर्क ID चालू करता है।
- दोनों पक्ष ID का आदान-प्रदान करते हैं और A-Link या A-Link+ मोड चुनते हैं।
- एक व्यक्ति जुड़ने का अनुरोध भेजता है और दूसरा उसे स्वीकार करता है; फिर नए साझा लेन-देन चुने गए मोड के हिसाब से आने लगते हैं।
अगर आप एक ही जगह पर हैं और इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं करना चाहते, तो लगातार जुड़ाव बनाने के बजाय एक लेन-देन या चालान को हस्ताक्षरित QR कोड से भेजा जा सकता है।